द ग्रेट एमपी पॉलिटिकल ड्रामा / अज्ञातवास पर विधायक; 10 दिन पहले तक घर-दफ्तरों में लगती थी भीड़, अब सन्नाटा

प्रदेश में चल रही राजनीतिक उठापटक से जिले के जनप्रतिनिधि और आम लोग भी प्रभावित हैं। कुछ दिन पहले  जिले के पांच विधायकों के दफ्तर और घर में सुबह से सैकड़ों लोगों की भीड़ लगी रहती थी। पार्टी पदाधिकारी एवं जरूरतमंद लोग शिकायत लेकर पहुंचते थे, लेकिन पिछले एक सप्ताह से दोनों दल के विधायक क्षेत्र में मौजूद नहीं है। इसके चलते इनके घर व दफ्तर में सन्नाटा पसरा हुआ है।


 
खिलचीपुर से ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह, राजगढ़ से बापूसिंह तंवर, ब्यावरा से गोवर्धनलाल दांगी, नरसिंहगढ़ से राज्यवर्धन सिंह और सारंगपुर से कुंवर कोठार विधायक है। तंवर व दांगी को छोड़ अन्य विधायक दो से तीन बार चुने जा चुके हैं। फिलहाल सभी अज्ञातवास में है। इनका परिवार के अलावा अन्य किसी से संपर्क नहीं है।  


दोनों दलों के कार्यालय भी पड़े सूने:


भाजपा और कांग्रेस के कार्यालयों में भी सन्नाटा है। 15 दिन से कांग्रेस कार्यालय में जिलाध्यक्ष नारायणिंह आमलाबे व अन्य पदाधिकारी नहीं पहुंचे। भाजपा कार्यालय में भी जिलाध्यक्ष दिलबर यादव सहित अन्य पदाधिकारी 8 मार्च के बाद नहीं पहुंचे हंै। 


1. पहले मिलने में लगते थे 2-3 घंटे, अब 25-30 लोग ही आ रहे 
खिलचीपुर विधायक और उर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह एक सप्ताह से क्षेत्र में नहीं है। कांग्रेस से तीसरी बार विधायक श्रीसिंह का महल में ही घर व दफ्तर है। यहां रोजाना सैकड़ों लोगों की भीड़ लगी रहती थी। इस दौरान इन लोगों की सुनवाई श्रीसिंह करते थे। अब पहले की तरह उनकी अनुपस्थिति में उनके सहायक भी सुनवाई नहीं कर रहे।


2. राजगढ़ विधायक खुद तो दूर उनका स्टाफ तक नहीं मिल रहा
कांग्रेस से पहली बार विधायक चुने गए बापूसिंह तंवर का बाइपास रोड पर घर और अंजनीलाल मंदिर के बगल में दफ्तर है। दोनों जगह पर सुबह 8 बजे से कार्यकर्ता के साथ काम लेकर आने वाले लोग पहुंचते थे। एक सप्ताह से वह शहर में नहीं है। घर व दफ्तर में लोगों का आना तो दूर इनका स्टाफ भी नहीं बैठ रहा है। 


3. ब्यावरा विधायक के दफ्तर में पहले सुबह 8 बजे से लगती थी भीड़
कांग्रेस से पहली बार विधायक बने गोवर्धनलाल दांगी का घर इंदौर राेड पर और दफ्तर मेड़तवाल धर्मशाला के बगल में है। दोनों जगह वह लोगों से मिलते थे, इसके लिए सुबह करीब 8 बजे से लोगों की विधायक के घर व दफ्तर में भीड़ लग जाती थी। उनका पूरा स्टाफ भी वहीं मौके पर मौजूद रहता था। अब सन्नाटा पसरा है।


4. विधायक के प्रतिनिधि के रूप में उनके बेटे कर रहे सुनवाई
इस बार भाजपा से विधायक चुने गए नरसिंहगढ़ विधायक राज्यवर्धन सिंह इससे पहले कांग्रेस से विधायक रहे हैं। वे भी अन्य विधायकों की तरह एक सप्ताह से ना तो क्षेत्र में पहुंचे और ना ही किसी से मिले हैं। ऐसे में कुछ ही लोग पहुंच रहे है इनके पुत्र वीर विक्रमसिंह विधायक प्रतिनिधि के रूप में लोगों की सुनवाई कर रहे हैं। 


5. दफ्तर में सन्नाटा, स्टाफ के लोग भी नदारद-भाजपा
भाजपा के कुंवर कोठार तीसरी बार सारंगपुर सेे विधायक हंै। घर व आफिस एबी रोड पर स्थित है। सुबह 10 बजे तक 100 से 200 लोगों की भीड़ इनके घर स्थित दफ्तर में लग जाती थी, एक सप्ताह से यह भी नदारद है। उनके मौजूद नहीं हाेने से दफ्तर में न तो स्टाफ बैठता है और ना ही उनका काेई प्रतिनिधि।



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